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Thursday, 20 October 2016

माता मदानण साधना

चैत्र कृष्ण पक्ष शुरू हो चूका है और इसी के साथ माता मदानण के दिन शुरू हो गए!
पंजाब में जरग का मेला चैत्र कृष्ण पक्ष के पहले मंगलवार से शुरू हो जायेगा और इन्ही दिनों में की जाती है मदानण माता की सिद्धि! इन दिनों में यदि देवी को खुश कर लिया जाये तो किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान हो जाता है!जो काम बड़े बड़े अनुष्ठान करने से सिद्ध नहीं होते वो मात्र देवी के दर्शनों से सिद्ध हो जाते है!हमारे इस ग्रुप में कुछ ऐसे लोग है जो हर साधना पर लिखते है की यह मन्त्र उस किताब का है या यह मन्त्र उस ग्रन्थ का है,पर एक बात मै दावे से कह सकता हूँ मेरे गुरुदेव का दिया यह मन्त्र आपको किसी  किताब में नहीं मिलेगा क्योंकि यह मन्त्र गुरु शिष्य प्रणाली से मिला है!यह मन्त्र अब तक गुप्त था,पर कुछ गुरुभाइयों के मसानी माता से दुखी होने के कारण यह पोस्ट कर रहा हूँ!पंजाब के लोग मेले में गीत गाते हैं !

पीर फकीर धयामा दातिये पीर फकीर धयामा 
लाला वाले दे रोट दिया हैदर शेख दे देमा बकरे
रत्ती फरक न पामा नि माँ भगवतिये मै तेरा यश गामा!

अर्थात लाला वाले पीर बाबा सखी सुल्तान जी और बाबा हैदर शेख जी की पूजा से जो नहीं मिलता वो भी देवी खुश होकर दे देती है! सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि माता मदानण कौन है? एक मान्यता के अनुसार कई प्रकार कि मसानिया इस धरती पर है जिसे शमशानी यक्षिणी भी कहते है! उन मसानी देवियों में ३६० प्रकार की मसानी मुख्य मानी जाती है!जिनमे हाड़ मसानी, वीर मसानी, गूंगड़ मसानी, सेडला मसानी, बसंती मसानी, जल मसानी, पहाड़न मसानी, रुक्मण मसानी,ठाकुरी देवी,फूल माता,सीस पत्री मसानी मुख्य है! यदि हाड़ मसानी किसी के पशुओं पर लगा दी जाये तो उसके पशु मार देती है और यदि किसी आदमी पर लगा दी जाये तो उसके जोड़ टूट जाते है और जोड़ो के दर्द से उसकी मौत होती है!वीर मसानी की पूजा युद्ध में जाने से पहले की जाती है या शत्रुओं को परास्त करने के लिए की जाती है!इनका प्रयोग करने से राजनीति में तरक्की मिलती है यदि शत्रु पर इसका प्रयोग कर दिया जाये तो उसका सर्वनाश कर देती है!
मेरे एक मित्र का पंजाब के एक विधायक से किसी बात को लेकर झगडा था!वो विधायक मेरे मित्र के साथ समझोता करने को तयार नहीं था और बार बार मेरे मित्र को धमकी देता था!मैने उस पर 
वीर मसानी का प्रयोग कर दिया दो दिन बाद समझोता हो गया और उस विधायक का लड़का कतल केस में जेल चला गया!इस महीने हुए elections में वो विधायक हार गया!गूंगड़ मसानी का प्रयोग जल्दी 
किसी की पकड़ में नहीं आता अक्सर आपने देखा होगा की किसी मजार या पवित्र स्थान मंदिर आदि में जाकर पीड़ित व्यक्ति पर भूत-प्रेत आदि की सवारी आ जाती है और वो अपने बारे में सब कुछ बता देती है,पर गूंगड़ मसानी अपने वचन की पक्की होती है वो गूंगी बनकर बैठी रहती है अपना भेद कभी जाहिर नहीं करती फिर चाहे उस पर खवाजा पीर या नाहरसिंह वीर ही क्यों न लगाया जाये!सेडला मसानी को यदि किसी पर लगा दिया जाये तो एक हफ्ते के अन्दर अगर उस आदमी ने अपना उपाय न किया तो उसकी कब्ज होने से पेट फूलकर मौत हो जाएगी!यहाँ सभी मसानियो के बारे में बताना बहुत मुश्किल है!
यह सभी देविया माता मदानण की सेविकाएँ है!एक मान्यता के अनुसार किसी भी देवी का चढ़ावा माता 
मदानण ले सकती है पर मदानण का चढ़ावा कोई नहीं ले सकता!माता मदानण को सभी देवियों की रानी 
माना जाता है!सदगुरुदेव जी की कृपा से मुझे ३६० प्रकार की मसानी सिद्ध है!मै जिस छत के नीचे बैठ जाता हूँ! उस छत पर देवी ठाकुरी पहरा लगा लेती है और लगाये भी क्यों न मै सिद्ध रक्खा राम जी का शिष्य हूँ!मेरे 
गुरुदेव ने कहा था मुझे स्मरण कर जिस भी मसानी को आवाज़ दोगे वो तुम्हारी मदद के लिए आ जाएगी!
एक प्राचीन कथा के अनुसार भगवान क्रिशन के समय योगमाया का अवतार हुआ था कंस जब 
उन्हें मारने लगे तो वो आसमान में बिजली बनकर उड़ गयी और कहा तुझे मारने वाला जन्म ले चूका है!
भगवान क्रिशन ने योगमाया को अपने मस्तक में धारण किया!जब भगवान श्रीक्रिशन के पैर में तीर लगा और
वो धरती से जाने लगे तो योगमाया से कहा कलयुग के प्रथम चरण में देवी भगवती मदानण के रूप में अवतार 
लेंगी आप उनकी सेवा में चले जाये!पाकिस्तान का पंजाब जो अब पाकपाटन है उस जगह रोड़े शाह नाम के एक
फकीर हुए है!उनकी एक बहिन थी जिसका नाम जलाली था! जलाली हररोज एक फकीर की सेवा करने जाती थी! रोड़े शाह लोगो को फतवे सुनाता था!एक दिन एक आदमी ने उससे कहा तू लोगो को क्या फतवे सुनाता है!तेरी  बहिन एक फकीर के साथ इश्क करती है!रोड़े शाह ने अपनी बहिन का पीछा किया और फकीर की झोपड़ी के पास  जाकर छुप गया!जलाली ने फकीर से कहा अब्बा हुजुर में आ गयी!फकीर ने कहा बाकि काम बाद में करना पहले खाना खालो!उस फकीर को अल्लाह के घर से खाना आता था,तीन थाली खाने की आसमान से उतरी जलाली ने कहा अब्बा हुजुर हररोज दो थाली खाना आता था आज तीसरी थाली किसके लिए आई है!फकीर बोला तीसरी थाली उसके लिए आई है जो झाड़ियों के पीछे छुपा हुआ है!जब जलाली ने रोड़े शाह को देखा तो कहा तूने मुझ पर शक किया जा आज के बाद मुझे अपनी शकल मत दिखाना!अपनी बहिन की बात सुनकर रोड़े शाह को अपनी गलती का एहसास हुआ और वो गली गली यह कहने लगा (जलाली ने मैनू रब्ब दिखाता) मतलब जलाली ने मुझे अल्लाह दिखा दिया!लोगो ने कहा ये काफ़िर है अल्लाह कभी किसी को नज़र नहीं आता इसे पत्थर मार मार के मार डालो!लोग उसे पत्थर मारने लगे पत्थर लगने पर उसके मुह से निकल गया तुम्हे खाए माई मसानी बस इतना कहने की देर थी कि आसमान मे माता मदानण प्रकट हो गयी और सब लोगो को खा गयी!वो देवी किसी भी प्रकार शांत न हुयी पर जब बाबा फरीद को देखा तो देवी शांत हो गयी,
क्योंकि बाबा फरीद एक पहुंचे हुए फकीर थे!देवी ने कहा मैने एक काफ़िर को बचाने के लिए अवतार लिया है इसलिए मेरा आहार भी काफिरों वाला ही होगा!मै इस्लाम के खिलाफ कार्य करूंगी!मुझे सूअर और शराब का भोग लगेगा!उस दिन से आज तक देवी को सूअर और शराब का भोग लगाया जाता है!अपने भक्तो कि बिनती पर बाद में देवी ने बकरे भेड़ आदि की वलि स्वीकार कर ली!योगमाया देवी की द्वारपाल है और बाबा सवलसिंह बाबरी देवी के दूत है!उनके आगे हनुमान और पीछे भैरव है!नाहरसिंह वीर उनकी परिक्रमा करते है!रखता वीर और बाबा खेत्रपाल जी उनके सेना नायक है!यदि कोई भक्त देवी की भेंट न दे तो सवलसिंह वीर उन्हें जाकर याद दिलाते है स्वयं तो देवी किसी विशेष भक्त के पास ही जाती है!नाथ पंथ के बाबा तपुनाथ योगी और बाबा बाघनाथ योगी इनके विशेष भक्त हुए है!इस्माइल नाथ योगी ने भी इनकी उपासना की थी!
जब गूगा जाहरवीर का अपने भाई अर्जन और सर्जन से युद्ध हुआ तो उनके वजीर नाहरसिंह वीर ने कहा कि युद्ध में जीतना चाहते हो तो बाबा सवलसिंह वीर,माता मदानण और महाकाली को प्रसन्न कर लो यदि इनका आशीर्वाद मिल गया तो तुम्हारी जीत निश्चित है!उस वक़्त गूगा जाहरवीर ने भी देवी की उपासना की थी!आज भी यदि जाहरवीर की माडी मंदिर पर यदि कोई भूत-प्रेत न माने तो उस चौंकी को देवी मदानण उठाती है!नाथ पंथ का मानना है कि अजन्मा होने के कारण देवी मदानण ईश्वर है! देवी मदानण की सभी साधनाए उग्र होती है और देवी का प्रयोग मारण उच्चाटन आदि क्रियाओं में किया जाता है!मै यहाँ पर देवी मदानण का एक सौम्य प्रयोग दे रहा हूँ जिससे किसी भी प्रकार की मसानी को शांत किया जा सकता है और चेचक का इलाज भी किया जाता है! चेचक कई प्रकार की होती है जिसे माता निकलना भी कहा जाता है! कुछ लोगो को छोटी माता होती है जिससे शरीर पर छोटे छोटे दाने निकल आते है! कुछ लोगो को बड़ी माता हो जाती है यह बड़ी ही दुःखदाई होती है जिससे शरीर पर बड़े बड़े फोड़े निकल आते है! कुछ के शरीर पर फूल माता आ जाती है जो ठीक होने के बाद फूल का निशान छोड़ जाती है!इस प्रकार की सभी समस्याओं का हल आप इस एक मन्त्र से कर सकते है!इस मन्त्र से रूठी हुयी मदानण माता को शांत किया जा सकता है! माई नराती देवी मदानण की प्रिय भक्त थी!यदि माता मदानण की सवारी आये और माता मानने को तयार न हो तो माई नराती की आन लगाने से और माई नराती के नाम से बर्फी बाँटने पर माता शांत हो जाती है! एक बार एक छात्र ने माता मदानण के मंदिर में जाकर कह दिया यदि मै पास हो गया तो अपनी जीभ काटकर आपके मंदिर में चढ़ा दूंगा!वे पास हो गया जब पास होने के बाद उसने अपनी जीभ माता के मंदिर में काट कर चढ़ा दी तो माता ने खुश होकर उसकी जीभ जोड़ दी और कहा आज के बाद तेरी जीभ से निकली हर बात सत्य होगी!  माता मदानण दयावान है कठोर तो माता अपने भक्त के शत्रुओं पर ही होती है!

मन्त्र इस प्रकार है:-
मदान चगान दी रानी 
चौ कुंठा दी रानी 
जरग खेड़े दी रानी कुराली खेड़े दी रानी 
शांति सरूप हो माँ!

विधि :-
इस मन्त्र को धुप अगरवती जलाकर रात के समय हररोज २ घंटे जपे!यह क्रिया ४१ दिन करे मन्त्र सिद्ध हो जायेगा!पहले दिन और आखरी दिन दो लड्डू और एक अंडा उजाड़ स्थान में रख आये और पीछे मुड़कर न देखे!प्रयोग के वक़्त नीम की टहनी से सात बार मन्त्र पढ़कर झाड़ दे और यदि भूत-प्रेत या मसानी आदि का प्रयोग हो तो एक अंडा और २ लडू उजाड़ स्थान में रख दे और माता से प्रार्थना करे सब ठीक हो जायेगा!

जय सदगुरुदेव !
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