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Friday, 21 October 2016

साबर सरस्वती साधना

अपने जीवन में मैंने अनेक प्रकारकी सरस्वती साधनायें की पर इस मन्त्र का महत्व कुछ अलग ही है! इस मन्त्र से जहाँ ज्ञान की प्राप्ति होती है, वंही आपको अनेक प्रकार की सिद्धियाँ भी मिल जाती है!  इस मन्त्र को सिद्ध करने से गुरु गोरखनाथजी की कृपा प्राप्त होती है,यदि आप गीत संगीत में रूचि रखते हैं तो इस मन्त्र को अवश्य सिद्ध करें,  इस मन्त्र से स्वपन सिद्धि होती है!





मन्त्र इस प्रकार है :-
सरुसती माई तुम सुरजीत,चड़े हाथ बजावे बीत 
 बूहे खेती बन को जायूं गुर की विद्या बैठे खायूं
 सरिस्थ का घोडा सरिस्थ का प्लान,
सरिस्थ चले रसुलमान,इकलिया चले 
 शिक्लियाँ चले सीठ पर चले मूठ पर चले
 मुग़ल की पठानी बारा जात छत्ती जात पर चले
 चंद बन्ना,सूरज बन्ना,उनंजा कोट धरती बन्ना,
 तीस कोस देवते बन्ना,बन्न के लियावे
 मोहम्मद का बेटा,तुलख्नी का पूत,
पुरोहित का बच्चा कम करू गोरखनाथ सच्चा 
लश्मी यति तेरी कार,  भैरों यति तेरी कार 
नौ नाथ चौरासी सिद्ध बवन्ज़ा वीर थोड़ी कार
विधि:-
पांच प्रकार के मेवे (बादाम,किसमिस,अखरोट,मगज,का जू) लेकर अच्छी तरह पीस लें, अब इसमें लोबान, गूगल पीस कर मिलादे और गाय का घी भी मिलादें , इस मन्त्र का ज़प सूर्योदय के वक़्त करें, मन्त्र जप दो घंटे करना है!  माला की कोई जरूरत नहीं ,जप के समय पांच पतासे जो कहीं से भी टूटे हुए न हों पास रख लें और एक साफ़ थाली लेकर उसमे गोबर के कंडे की आग रख लें, एक गाय के घी का दीपक जला लें,अब सामान्य गुरु पूजन कर एक माला गुरु मन्त्र की जपें, फिर एक माला गणेश मन्त्र की जपें और शिव पूजन कर शिव मन्त्र की एक माला जपें और शिव से मन्त्र जप की आज्ञा ले! अब मन्त्र जप के साथ अग्नि में आहुती दें ! दो घंटे तक यही क्रिया करते रहे!  प्रतिदिन जप के बाद पतासे किसी नदी में बहा दें! यही सारी क्रिया शाम के वक़्त भी करें!  यह क्रिया आपको ४१ दिन करनी है!

प्रयोग  विधि:-
१.यदि आप पर कोई हांड़ी चढ़ा दे(एक प्रकार का मारण प्रयोग जिसमे हांड़ी उडती हुयी आती है और हांड़ी में आग लगी होती है, तो इस मन्त्र का जप करें हांड़ी वापिस चली जाएगी और प्रयोगकर्ता को ही मार डालेगी!
२.यदि इस मन्त्र का रात्रि में सोते समय आधा घंटा जप करें तो सपने में सट्टे का नंबर मिल जाता है!
३. गीत संगीत की सभा में गाने से पहले इस मन्त्र का २१ बार जप करें निश्चित रूप से आपको सफलता 
मिलेगी!
४.नौकरी आदि किसी भी शुभ काम पर जाते समय इस मन्त्र का २१ बार जप कर ले, आपका कार्य सिद्ध 
हो जायेगा!

इस मन्त्र के अनेको प्रयोग हैं,  मैंने खुद इसे आजमाया है! आप भी इसका प्रयोग करें और लाभ उठाएं!

जय सदगुरुदेव जी
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